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ताऊ देवीलाल जी का पूरा जीवन संघर्ष, सादगी, किसान हित और जनसेवा को समर्पित रहा : दुष्यंत चौटाला

गुरुग्राम : भारत के पूर्व उपप्रधानमंत्री, जननायक एवं किसानों, गरीबों, महिलाओं, युवाओं तथा समाज के प्रत्येक वर्ग के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष करने वाले स्व. चौधरी देवीलाल जी की 113वीं जयंती के अवसर पर आज गुरुग्राम स्थित ताऊ देवीलाल स्टेडियम में श्रद्धांजलि एवं जयंती समारोह आयोजित किया गया।
इस अवसर पर जननायक जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला जी, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. के.सी. बांगर जी, पूर्व विधायक श्री गंगाराम जी, कर्नल (रिटायर्ड) एस.एस. राठी जी, ऋषि राज राणा, दलबीर धनकड़, ज़िला अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकरान, मेघ राज यादव एवं डॉ. सौरभ गुप्ता सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में शिरकत कर ताऊ देवीलाल जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इस अवसर पर श्री दुष्यंत चौटाला जी ने ताऊ देवीलाल जी के पदचिह्नों पर चलते हुए जनभावनाओं के अनुरूप कार्य करने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग की आवाज़ को मजबूती से उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ताऊ देवीलाल जी का पूरा जीवन संघर्ष, सादगी, किसान हित और जनसेवा को समर्पित रहा। उनके विचार आज भी समाज और राजनीति को दिशा देने का कार्य करते हैं।
श्री दुष्यंत चौटाला जी ने कहा कि ताऊ देवीलाल जी केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि जनसंघर्ष और जनसेवा की ऐसी विचारधारा थे, जिसने हरियाणा की राजनीति को नई पहचान दी। हरियाणा के एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने प्रदेश की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने जीवनभर किसानों, मजदूरों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों तथा समाज के हर वर्ग के सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
इसी अवसर पर जननायक जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला जी ने 10वें हरियाणा स्टेट गेम्स ऑफ द डेफ में भाग लेने वाले खिलाड़ियों एवं कोचों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत, संघर्ष और जज़्बे को सलाम करते हुए HSDC गुरुग्राम द्वारा आयोजित इन खेलों के लिए अपना पूर्ण सहयोग एवं समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से दिव्यांग खिलाड़ियों का संघर्ष और उपलब्धियां पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी हैं। ऐसे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और समान अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।