SIR के नाम पर जनता को गुमराह करना बंद करे कांग्रेस : गौरव गौतम
-संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना कांग्रेस की राजनीतिक हताशा का परिचायक : गौरव गौतम
-लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत गुरुग्राम में गरजे राज्य मंत्री गौरव गौतम, विपक्ष पर साधा निशाना
गुरुग्राम: भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के अंतर्गत बुधवार को भाजपा जिला कार्यालय गुरुकमल में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए हरियाणा सरकार के खेल एवं युवा राज्य मंत्री गौरव गौतम ने SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने की राजनीति कर रही है।
राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना और सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस संवैधानिक प्रक्रिया को राजनीतिक विवाद का विषय बनाकर जनता में अनावश्यक आशंकाएँ पैदा करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि SIR का उद्देश्य किसी भी पात्र नागरिक का अधिकार छीनना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। यदि किसी मतदाता को प्रक्रिया से संबंधित कोई आपत्ति या समस्या है, तो उसके समाधान के लिए निर्धारित संवैधानिक और प्रशासनिक व्यवस्थाएँ मौजूद हैं। ऐसे में कांग्रेस को जनता को गुमराह करने के बजाय लोगों को सही जानकारी देने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सहयोग करने की भूमिका निभानी चाहिए।
गौरव गौतम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर बार-बार सवाल उठाना और बिना ठोस प्रमाण के आरोप लगाना लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन सवाल तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित होने चाहिए। केवल राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं को विवादों में घसीटना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति अब मुद्दों और जनहित से दूर होकर केवल आरोपों, भ्रम और विरोध तक सीमित रह गई है। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाएँ किसी एक दल के लिए नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए होती हैं। चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करना सभी राजनीतिक दलों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
राज्य मंत्री ने कांग्रेस के लंबे राजनीतिक इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि आज कांग्रेस SIR और चुनाव आयोग को लेकर सवाल उठा रही है, लेकिन देश के कई राज्यों में जनता ने कांग्रेस को लंबे समय से सत्ता से बाहर रखा हुआ है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कांग्रेस लगभग 59 वर्षों से सत्ता में नहीं है। इसी प्रकार पश्चिम बंगाल में भी कांग्रेस लगभग 49 वर्षों से सत्ता से बाहर है। उन्होंने कहा कि ओडिशा, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी कांग्रेस लंबे समय से जनता का विश्वास हासिल नहीं कर पाई है।
गौरव गौतम ने कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस कई वर्षों से सत्ता में नहीं रही, वहाँ पार्टी को अपनी राजनीतिक स्थिति पर गंभीर आत्ममंथन करना चाहिए। जनता ने बार-बार अपने मत के माध्यम से कांग्रेस को नकारा है, लेकिन कांग्रेस अपनी हार के कारणों को स्वीकार करने के बजाय चुनावी संस्थाओं और प्रक्रियाओं पर आरोप लगाती रहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझना होगा कि लोकतंत्र में जनता का निर्णय सर्वोपरि होता है और जनादेश का सम्मान करना प्रत्येक राजनीतिक दल का दायित्व है।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में लगभग 59 वर्षों से कांग्रेस सत्ता से बाहर है और पश्चिम बंगाल में लगभग 49 वर्षों से जनता ने कांग्रेस को शासन का अवसर नहीं दिया है। ओडिशा, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश में भी कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति लंबे समय से कमजोर रही है। इसके बावजूद कांग्रेस अपनी संगठनात्मक कमियों, जनसंपर्क की कमी और नीतिगत विफलताओं पर चर्चा करने के बजाय चुनाव आयोग पर आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि जिन राज्यों में वह लंबे समय से सत्ता में नहीं है, वहाँ जनता ने उसे क्यों नकारा। क्या हर चुनाव में जनता का निर्णय गलत होता है?
प्रेस वार्ता में भाजपा गुरुग्राम जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, जिला महामंत्री मनीष सैदपुर एवं जिला मीडिया प्रभारी अजय दुआ , जिला मीडिया सह प्रभारी पीयूष सैनी, कृतिक जैन उपस्थित रहे।
