खेलों का प्रभाव केवल मैदान तक ही नहीं, खेल जीवन में सकारात्मकता और मानसिक शांति देते हैं: अमित स्वामी
रेवाड़ी : गत दिवस अफ्रीका के देश सेनेगल की राजधानी डकार में 2026 यूथ ओलम्पिक गेम्स के दौरान शेख अंता डायोप यूनिवर्सिटी डकार और यूनेस्को चेयर स्पोर्ट, डवलपमैंट, पीस एंड ओलम्पिक एजूकेशन के संयुक्त तत्वावधान में ओलम्पिक एजूकेशन, यूथ, स्पोर्ट एंड पीस शीर्षक पर हुई इंटरनेशनल कांफ्रेंस में वर्ल्ड बाडी बिल्डिंग एवं फिसीक स्पोर्टस फैडरेशन के एम्बेसडर एट लार्ज रेवाड़ी निवासी अमित स्वामी ने कांफ्रेंस को आनलाइन सम्बोधित करते हुए अपने वक्तव्य में कहा कि खेलों का प्रभाव केवल खेल मैदान तक सीमित नहीं होता बल्कि खेल जीवन में सकारात्मक ऊर्जा तथा मानसिक शांति देते हैं।
अमित स्वामी ने कहा कि ओलम्पिक शिक्षा और इसके मूल्यों को आत्मसात करना अति आवश्यक है जो खेलों में विनम्रता से जीतना और गरिमा से हारना सीखाते हैं। अमित स्वामी ने कहा कि युवा समाज का ईंजन है और खेल उसका ईंधन है। इसलिए युवाओं का खेलों के प्रति रूझान अति आवश्यक है ताकि वे मजबूत और तंदुरूस्त रहे। खेल और शारीरिक गतिविधियां उज्ज्वल चरित्र का निर्माण करती है और सच्ची खेल भावना जीवन के हर क्षेत्र में समस्याओं और बाधाओं से लड़ना सिखाती है। खेल आपसी सौहार्द का भी उच्च माध्यम है। खेल के मैदान में खिलाड़ी जात-पात, रंग-भेद, भाषा की परिधि से ऊपर उठकर खेलता है। खेलों से दृढ़संकल्प, हौंसला और मेहनत करने का जज्बा मिलता है। कांफ्रेंस में विश्व भर के खेल से जुड़े दिग्गज व अन्य क्षेत्रों की विभूतियों ने भी भाग लिया।
